रचनात्मक साहित्य का सृजन साहित्यकारों का दायित्व-रश्मि गुप्ता

सिन्धी अकादमी द्वारा मासिक अदबी गोष्ठी आयोजित
जयपुर, 26 सितम्बर (वि.)। राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा झालाना संस्थानिक क्षेत्र, जयपुर स्थित अकादमी संकुल में गुरूवार, 26 सितम्बर, 2024 को मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।
अकादमी सचिव योगेन्द्र गुरनानी ने बताया कि गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुये अकादमी प्रशासक एवं जयपुर संभागीय आयुक्त श्रीमती रश्मि गुप्ता ने सिन्धी साहित्यकारों से रचनात्मक साहित्य के सृजन की अपील की। उन्होंने कहा कि यह साहित्यकारों का दायित्व है कि वे सिन्धी भाषा, साहित्य, कला एवं संस्कृति के विकास के संवाहक बनें। उन्होंने सिन्धी साहित्य का अन्य भाषाओं में अनुवाद की आवश्यकता पर जोर देते हुये कहा कि यह समय की मांग भी है कि सिन्धी साहित्य का अन्य भाषाओं में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो।
गोष्ठी में जयपुर की साहित्यकार डा.माला कैलाश ने ’पोपटी हीरानन्दाणी जे साहित में नारी शक्ति’ विषयक आलेख प्रस्तुत किया। उन्होंने वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती पोपटी हीरानन्दानी की जन्म शताब्दी वर्ष को समर्पित आलेख में उनकी रचनाओं में समावेशित नारी शक्ति के विभिन्न पहलुओं का विस्तार से विवेचन किया। जोधपुर के साहित्यकार श्री दिलीप केसानी ने ’सिन्धी संस्थाउ सिन्धी साहित जे वाधारे में केतिरियूं काराइतियूं’ विषयक आलेख प्रस्तुत करते हुये कहा कि सिन्धी संस्थायें सिन्धी साहित्य के संरक्षण एवं संवर्द्धन में महत्ती भूमिका निभा रही हैं। भीलवाड़ा के साहित्यकार डा.एस.के.लोहानी, जयपुर के डा.हरि जे. मंगलानी ने अपनी स्वरचित कवितायें प्रस्तुत की। जयपुर की सुश्री माया वसन्दानी ने ’सिन्धियत जो शैदाईः दादा वासदेव सिन्धु भारती’ विषयक आलेख प्रस्तुत करते हुये सिन्धी के वरिष्ठ साहित्यकार वासदेव सिन्धु भारती द्वारा सिन्धी साहित्य में दिये गये योगदान को रेखांकित किया।
गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार डा.खेमचंद गोकलानी, पूजा चंदवानी, नन्दिनी पंजवानी, पार्वती भागवानी, गोपाल, डा.पूनम केसवानी, कविता इसरानी, रमेश नागरानी, ललिता मंघानी, लता कृपलानी, रिन्ने मीराजा, अशोक आहूजा, महेश किशनानी, हर्षा पंजाबी, डा.विवेकानन्द गोस्वामी, पायल गोलानी, वंदिता आहूजा, नमीशा खेमनानी, ज्योति पहलवानी तथा सिन्धी भाषी साहित्यकार, पत्रकार, अकादमी के पूर्व सदस्य एवं समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गोष्ठी में अकादमी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सिन्धी कहानी एवं कविता लेखन/प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। गोष्ठी का संचालन श्रीमती नन्दिनी पंजवानी ने किया। अकादमी सचिव से सभी आगन्तुकों का आभार प्रकट किया।